Pabuji lokdevta
पाबूजी
पाबूजी राजस्थान के लोक-देवता हैं। वे १४वीं शताब्दी में राजस्थान में
जन्मे थे।
जन्मे थे।
| पाबूजी | |
|---|---|
| कोलू के शासक | |
| जन्म | वि.स. 1313 |
| जन्म स्थान | कोलू |
| मृत्यु स्थान | कोलू |
| उत्तराधिकारी | धाँधल जी राठौड़ |
| राज घराना | राठौड़ वंशीय राजपूत |
| पिता | धाँधल जी राठौड़ |
| धर्म | हिन्दू |
जन्म[संपादित करें]
राजस्थान के लोक देवता पाबूजी राठौड़ का जन्म वि.संवत 1313 में जोधपुरज़िले मेंफलोदी के पास कोलू नामक गाँव में हुआ था। पाबूजी के पिता का नाम धाँधल राठौड़ था। धाँधल एक दुर्गपति थे।
पाबूजी का विवाह एवं गायों की रक्षा करना[संपादित करें]
पाबूजी राठौड़ का विवाह अमरकोट के निवासी सोढ़ा राणा सूरजमल की बेटी के साथ हुआ था। विवाह करने के लिये पाबूजी ने देवलजी चारणी से उनकी कालवी नामक घोड़ी ले गये थे। पाबूजी राठौड़ ने फेरे लेते हुए सुना कि जिंदराव खिंची नामक व्यक्ति देवलजी चारणी की गायों को अपहरण कर ले जा रहे हैं। पाबूजी ने देवलजी को उनकी गायों की रक्षा का वचन दिया था कि वो उनकी गायों की रक्षा करेंगे। पाबूजी गायों की रक्षा करते-करते वीरगति को प्राप्त हो गये। [1]
सन्दर्भ[संपादित करें]
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पाबु जी महाराज की गोत्र क्या थी
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